लतड़ पतड़ स्यां स्यां बल लतड़ पतड़ स्यां स्यां हाई रे मेरी फ्वां फ्वां नोना बेरोजगार छन अभी नि आई कालो धन लतड़ पतड़ स्यां स्यां बल लतड़ पतड़ स्यां स्यां मंत्री जी की गाडी […]

हम सरहदों पर रहते हैं आज ज़माने से ये कहते हैं भारत माता के वीर सभी हम हमको सभी सरहद का रखवाला कहते हैं। है अगर हिम्मत किसी दुश्मन में तो आकर टक्कर ले हमसे […]

कोराना से बल सबुकी हालत पस्त हुयीं च देश की अर्थब्यवस्था की भी हालत खस्त हुईं च रोजी रोटी कु जुगाड़ ह्वो न हो पर, दरोल्यों की एसूं दों बल फ्वां फ्वां हुयीं च सरकिर […]

कौन कहता है कि अपने उज्जल भविष्य हेतु सपने देखना या कल्पना करना गलत है? सपने देखो और जरूर देखो, अपपे उज्जवल भविष्य की कल्पना करो और ऐसी कल्पना करो जो दूसरों को तो क्या […]

प्रज्वलित ज्वाला हुई है रण शंख का अब नाद हो शत्रु जो पुलकित हुआ है उसका करो अब नाश तुम। न रोको अभी तुम भावना को रक्त का उबाल थमने से पहले दुश्मन को पंहुचा […]

नाराज न होना खत को पढ़कर, न जानू मैं खत को लिखना। बस आपके खातिर लिख डाला, यूॅ न हँस देना खत को पढ़कर। कुछ शब्द चुनिंदा लिये हुए, कुछ खुशबु फूलो की लेकर यह […]