उल्झे हुए रास्तो से, मुझे अंजाम तक जाना हे, मंज़िल ना जाने कहा गुम हे, ना जाने किस राह गुज़र जाना हे.. मे थका हारा दर ब दर, पाओं मे भी चुभन सी हे, हाल […]

तुम जब जब गिराओगे लाशें मैं तब तब ज़िंदा हो जाऊंगा, शक्ल बदलेगी मगर तुम्हें हर शय मे, मैं ही नज़र आऊंगा l     मैं सपूत हूं उस मां का जिसकी मिट्टी ही मेरा […]