आज भी वो दिन याद आते है उसे भुलाऊ कैसे ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ कैसे… बचपन में कलम थमाई थी आपने, आज वो कलम झुमती है एसे ये कामयाबी की ईमारत छोड जाऊ […]