जब लेते हैं दहेज़,और लेते हैं कलेजा किसी का जो उसका अभिमान है। त्यागते है वो सबकुछ जो उनका सम्मान है, तो क्यों लेते है दहेज़,दहेज़ ही क्या एक शान है क्योकि दहेज़ एक अभिशाप […]