मेरी पहली कविता की ना जाने क्यों याद आ गयी, आँखों में ना जाने खुशियों की आँसू क्यों आ गयी। लिखने का वैसे हमें कोई शौक नहीं था, पर हाथों ने कलम को अपना लिया […]