कमलेश कौशिक's Posts

शिक्षक दिवस पर

शिक्षक दिवस पर**** ?????? शिक्षक राष्ट्र का निर्माता शिक्षक ही ज्ञानका है ज्ञाता आदिकाल से इस जग में शिक्षक समाज का गहरा नाता । जब से इस जग मेंसृष्टा ने सृष्टि का सृजनहार किया तब से ही ज्ञानकी ज्योति जगा शिक्षक ने तम का नाश किया । एकलव्य ने गुरू प्रतिमा से ही ज्ञान गुरू का पाया था गुरू समर्थदास को वीर शिवा ने अपना गुरू बनाया था । पैर की पीड़ा हरने को सिंहनी का दूध पिलाया था क्या गुरू औरक्या शिष्यथे... »

माँ शारदे वरदान दो

माँ शारदे वरदान दो वरदायिनी वरदान दो मेरे उर में तेरा वास हो हर रोम में प्रकाश हो सन्मार्ग पर मैं चल सकूँ मुझे अभय का वरदान दो शवेताम्बरी वरदान दो वरदायिनी वरदान*** मैं पीर सबकी सुन सकूँ दुःख दर्द सबके हर सकूँ सबके लिए सद्भाव हो हंस वाहिनी वरदान*** मेरी वाणी भी ओ ज हो मस्तक पे मेरे तेज हो मुझे सप्त सुर का ज्ञान दो माँ शारदे वरदान*** जिव्हा पे तेरा नाम हो घट घट में तेरा वास हो वाणी मेरी मधुरिम बनें... »

नन्ही चिड़िया है बेटी

नन्ही चिड़िया है बेटी आँगन के बीच चहकने दो कली कमल की है बेटी बगिया के बीच महकने दो मीठी सी मुस्कान है बेटी हर्षित पुलकित होने दो इसको भी जीने का हक है जग में आ जाने दो । ~ कमलेश कौशिक गुरुग्राम 106 »