Author: Kishore Singh Rathore

  • हसीनों से

    हसीनों से क्या माँगे कोई जो नज़र ही नहीं मिलाती
    मर मिटे उसके लिए कोई जो जहर ही नहीं पिलाती !

  • वजह

    प्यार करने की कोई वजह नहीं होती
    दिलजलों के लिए कोई जगह नहीं होती !

  • कद्रदान

    बहुत खूब लिखती हैं आप जैसे कोई कद्रदान मिला
    आपकी सायरी पढ़कर लगता है जैसे वरदान मिला !

  • वजह

    लिखने को बहुत है पर कोई वजह तो मिले
    मिलने को बहुत है पर कोई जगह तो मिले !

  • Friend

    Always try to be a good friend and never try to be a lover.

  • प्यार

    मैं नहीं कहता कि मैने किसी से प्यार नहीं किया,
    हाँ किया मगर किसी ने भी मुझे स्वीकार नहीं किया !

  • Nature

    Love is natural law, no body can avoid it.

  • हसीनों की वादियों में

    हसीनों की वादियों में बदसूरतों को भी रहने दीजिए,
    दर्द कितना है फ़िज़ाओं में ज़रा हमें भी सहने दीजिए !
    जानते हैं वक़्त है आपका पर हमें भी थोड़ी पनाह दीजिए,
    मारना है तो फिर मार डालना बस कुछ पल तो जीने दीजिए !
    हसीनों की वादियों में ……………………………………………………………
    बहुत हुआ दीदार अब तो ज़रा सरमा दीजिए,
    नहीं बन पड़ रहा तो अनायास ही मुस्करा दीजिए !
    आए हैं मेहमान आपके नज़रें तो उठा लीजिए,
    इतने भी बुरे नहीं ज़रा दीवाना समझ अपना लीजिए !
    हसीनों की वादियों में ……………………………………………………………
    चाँद से क्या कोई माँगे ज़रा रोशनी तो दीजिए,
    इन झुकी पलकों में कुच्छ पल तो रहने दीजिए !
    खूब सूरत आप हैं इसका इल्म तो करा दीजिए,
    इन गुलाबी होठों को अब तो हिला दीजिए !
    हसीनों की वादियों में ……………………………………………………………

    By KS Rathore

  • महिमा

    “महिमा अनंत है
    महलों में दिये की
    बिस्तर पर तकिये की
    बारात मे दूल्हे की
    घर मे चूल्हे की
    महिमा अनंत है
    बागों मे माली की
    ससुराल में साली की
    महफ़िल में शराब की
    बाद में बेकरारी की
    महिमा अनंत है
    जिंदगी में प्यार की
    प्यार में तकरार की
    धोके में पाकिस्तान की
    दोस्ती में हिन्दुस्तान की
    महिमा अनंत है !

New Report

Close