इश्क का दरिया हूँ मैं, मैं सागर की प्यास हूँ… बरसों से लापता है जो, वो तेरी तलाश हूँ… अंधेरों को रोशन कर दे, वो जीने कि आस हूँ… मोत को ज़िन्दगी कर दे, मैं […]

सोचती हूँ, क्या लिखूं…? कोई ग़ज़ल, या शायरी लिखूं…? या कोई क़िस्सा लिखूं प्रेम कहानी का.., जिसमें मैं ख़ुद को “तुम्हारी” लिखूं ।।

दुनिया की आवाज़ों में मैरी एक आवाज़ भी है… इसमें मायने हैं कुछ, इसमें कुछ अल्फाज़ भी हैं… ज़ाहिर से इन क़िस्सों में, छिपी हुई सी ‘आह’ भी है.. फ़िज़ूल वाक़िये हैं कुछ, सुनाने की […]

जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है। नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।। दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है। जग छान लिया, […]