Kriti, Author at Saavan's Posts

उसके दर्द को क्या करू बया

उसके दर्द को क्या करू बया … उसकी रूह की  चीखें  गूंज रही … उसके आसुओ का इन्साफ मागने वाले …. उसे अपना  सकेगे ये वो खुद से  पूछ रही …. उसे दिया जिस जिस ने दर्द … उससे उस दर्द की वजह पूछ रही … लड़की होने की मिली सजा या … आजाद खयालो की थी अर्थी … उसकी रूह की चीखे मेरे कानो में गूंज रही … उसके दर्द को क्या करू बया  …. मैं  भी  तो हूँ एक लड़की... »

कहा तलाशे नारी अपना मान… मिले कहा उसे उसका उचित स्थान

कहा तलाशे नारी अपना मान… मिले कहा उसे उसका उचित स्थान

दिया जल कर कभी बुझने नहीं दिया उम्मीद का.. भुला कर खुद को कर दिया रोशन नारी ने जिस जहाँ को.. काश वो कभी खुद भी उस जहा में सम्मान से जी पाती.. हर रिश्ते को मान देने वाली कभी अपनी आन बचा पाती. जीवन देने वाली जननी,तो कभी जीवन सगनी अर्धाग्नि.. हर रिश्ते को जिसने आँचल की छाव में खून से था सींचा.. वाही नारी आज भी देती अग्नि परीक्षा बानी सीता.. क्यों मोन रह जाते सब नारी के अपमान में… इंसान बन क्यों... »

हर एक बूँद..

आसमान से गिरती हर एक बूँद की अपनी एक कहानी है .. एक गगन से गिरने के बाद भी सब को अपनी मंजिल खुद ही पानी है .. कोई किसी खेत में फसलो को महका जाये  गी.. तो कोई मिट्टी में गिर सोंधी सोंधी  खुशबु लए गी.. कुछ मिल कर कही किसी  खड्डे  में कीचड का सबब बन जाये गी .. तो कुछ मिल कर किसी की छत टपकाए गी .. कोई किसी के चहरे में गिर उसे मीठी मुस्कान दे जाये गी … तो कोई किसी के आंसू से मिल उसके गम को छुपाये... »

हमने कलम उठाई है

फिर से आज हमने  कलम उठाई है… हाथ में फिर वही पुरानी डायरी आई है… सोच ही रहे थे कुछ नया लिखने में क्या बुराई है.. कलम से ही तो किताबो ने अपनी दुनिया सजाई है … कुछ नया उसमे जुड़ता रहे इसीलिए तो कलम बनायीं है…. कलम ने नयी दुनिया की एक नयी पहचान बनायीं है…….. लिखते तो कई है पर……. किसी की कलम ने उम्मीद की जोत जलायी है …. तो किसी की कलम  ने बस आग लगाय... »