उसके दर्द को क्या करू बया … उसकी रूह की  चीखें  गूंज रही … उसके आसुओ का इन्साफ मागने वाले …. उसे अपना  सकेगे ये वो खुद से  पूछ रही …. उसे दिया जिस जिस […]

दिया जल कर कभी बुझने नहीं दिया उम्मीद का.. भुला कर खुद को कर दिया रोशन नारी ने जिस जहाँ को.. काश वो कभी खुद भी उस जहा में सम्मान से जी पाती.. हर रिश्ते […]

फिर से आज हमने  कलम उठाई है… हाथ में फिर वही पुरानी डायरी आई है… सोच ही रहे थे कुछ नया लिखने में क्या बुराई है.. कलम से ही तो किताबो ने अपनी दुनिया सजाई है […]