mansi, Author at Saavan's Posts

मुलाक़ात

बड़ी चाह है ख़ुद को फ़िर बर्बाद करें, तुम आओ कि हम फिर मुलाक़ात करें !! »

rang

rang

rang bikhero khul k is jamaane me »

नफ़्ज़

पकड़ी जब नफ़्ज़ मेरी., हकीम लुकमान यू बोला…! वो ज़िंदा है तुझ में..’ तू मर चूका है जिस में..!?✍? »

नजर-अंदाज

उदासी जब तुम ?? ‍♀️पर बीतेगी ? तो तुम भी ?जान जाओगे, कोई ? नजर-अंदाज ? करता है तो ? कितना दर्द ? होता है.. »

कवि

कवि होना भी खुदा की रहमत का ही नमूना है वरना युं अपने दर्द को शब्दों में बयां कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं। »

उदास

पानी से भरी आखें लेकर मुझे घूरती ही रही शीशे के उस पार खड़ी लड़की उदास बहुत थी। »

रंग

मकड़ी जैसे मत उलझो तुम गम के ताने बाने में, तितली जैसे रंग बिखेरो हँस कर इस ज़माने में.. »

ख्वाब2

मेरी आंखों में झाँक लो आकर जलते ख्वाब जो देखना चाहो। »

ख्वाब

तु आए और आकर लिपट जाए मुझसे उफ्फ ये मेरे महंगे ख्वाब »

दिल

कितना खुश है वो मुझे भुलाकर ए खुदा मुझे भी उसके जैसा दिल दे दे….। »

परवाह

दौलत नहीं शोहरत नहीं न वाह वाह चाहिए कैसे हो कहां हो बस दो लफ्जों की परवाह चाहिए।। »

? ? यूं ही ? ?

यूं ही तुम ना आते सीने में ना चोरी मेरा दिल हो पाता ना कृष्ण मीठी रासलीला रचता ना इश्क का नाम यूं ही कोई जान पाता यूं ही ये दिल दीवाना ना होता काश यूं ही ये मेरे पास रह जाता प्यार किया नहीं जाता जनाब हो जाता है काश ये बात हर कोई यूं ही समझ पाता यूं ही ना करता ये सजदे तेरे ना इस कदर प्यार की रचना रच पाता हम तेरे प्यार में किस कद्र ङूबे हैं काश यूं ही तू ये बात समझ जाता फिर क्या जरूरत थी दुनिया को द... »

तुम कब आओगी

शाम हो गई तुम्हे खोजते माँ तुम कब आओगी जब आओगी घर तुम खाना तब ही तो मुझे खिलाओगी, रात भर न सो पाई करती रही तुम्हारा इंतजार सुबह होते ही बैठ द्वार निगाहें ढूंढ रही तुम्हे लगातार, पापा बोले बेटा आजा अब माँ न वापिस आएगी अब कभी भी वह तुम्हे खाना नहीं खिलाएगी, रूठ गई हम सब से मम्मी ऐसी क्या गलती थी हमारी छोड़ गई हम सबको मम्मी ऐसी क्या खता थी हमारी, ढूंढ रही हर पल निगाहे न जाने कब मिल जाओगी इक आस लिए दि... »

बेवजह

कम्बख्त वो हमारे सामने बेवजह ही मुस्कुरा गऐ बेवजह ही हम उनकी बाहोँ में आ गऐ खबर न थी जमाने को इस नए चमन से रिश्ते की हम भी बेखबर जमाने से नैना लड़ाते चले गए दिन ब दिन मोहब्बत में मरते चले गए उनके ख्वाबें में कम्बख्त कहाँ कहाँ नहीं गए खौफ न था किसीका दिल ए पनाह में उनकी लिपटकर सीने से उनके कहाँ थे खो गए आहिस्ता आहिस्ता जालिम जमाना जुर्म बढाने लग गया हम भी रफ्ता रफ्ता कम्बखत इश्क बढाने लग गए बेवक्त ... »

तलबगार है कई

तलबगार है कई पर मतलब से मिलते हैं ये वो फूल हैं जो सिर्फ मतलबी मौसम में खिलते हैं रोक लगाती है दुनिया तमाम इन पर पर देखो मान ये इश्कबाज पक्के जो पाबंदियों में भी मिलते हैं मोहब्बत के रोगी को दुनिया बेहद बदनाम ये करती है जनाब क्यों फिर भी आधी दुनिया हाए इसी पे मरती है कहते हैं कई धोखेबाज भी लेन-देन दिल का करते हैं ।। तभी तो हम इस प्यारी दरिया में कूदने से डरते हैं शक-ए-निगाह दुनिया अपनी हम पर भी टे... »

काश!

काश भ्रष्टाचार न होता ,फिर भलों का दिल न रोता कानून ढंग से काम करता, काश भ्रष्टाचार न होता। लोकतंत्र भ्रष्ट न होता, रिश्वत का तो नाम न होता संसद ढंग से काम करता, काश भ्रष्टाचार न होता। होता चहुँ और निष्पक्ष विकास ,फैलता स्वतंत्र विकास होता हर चेहरे पर उल्लास, भ्रष्टाचार न होता काश। फैली होती हर जगह समानता, शिक्षक ढंग से भविष्य तराशता कोई जॉब के बदले घूस न लेता, काश भ्रष्टाचार न होता। भारत विजयपताक... »

कवि

जो और कोई कह ना पाए कर ना पाए और कोई ऐसा जज्बा लिए संग में चलता है अकेला कोई। उसके पास अनूठी क्षमता और अनोखा ज्ञान है सदा ही कागज पर अपने रचता अलग जहाँ है। अनोखा अंदाज उसका लिखता जागृत देश बनाने लिखी हुई उसकी पंक्ति को बड़े बड़े गुरुवर है माने। उसकी तो दो ही ताकत इक कागज दूजी कलम पर इसके लिखे हुए का यारों करते हैं भई सभी मनन। क से तुम कभी न डरना वि से न विचलित होना देता है हमको संदेशा ताकि पथ पर ब... »

कन्या भ्रूण की आवाज

माँ तुम दिल में ठान लो कि मुझको दुनिया में लाओगी इस बार दुनिया कि मान कर मुझको नहीं मिटाओगी। क्या हक नहीं है मेरा माँ इस दुनिया में आने का क्या अरमान नहीं है मेरा माँ प्यार तुम्हारा पाने का। मेरे प्यारे पापा मम्मी मुझको भी अपनालो ना मुझे दुनिया दिखाने के लिए दादा दादी को समझालो ना। माँ तू भी तो इक लड़की है तू तो मेरा दर्द समझ जो नर नारी में भेद करे वो सब मैय्या ना समझ। बोझ नहीं हूं माँ मैं लीक पुर... »

why god

I TOLD UH GOD ONLY QUESTION ONE PLEASE TELL ME GOD WHAT IS THAT DAY HAPPEN WHY MY FATHER COME OUR HOME WHY HE LEFT MUMMA THAT DAY ALONE WHY THAT DAY I DON’T CRY WHY NO TEARS IN MY EYES WHY NEXT DAY AMBULENCE COME MY HOME THEY NEWSED ME MY MUMMA LEAVE ME ALONE THAT DAY I AM VERY CRY WHY YOU DO THIS TELL ME WHY PLEASE GIVE ME ANSWER FAST THIS IS MINE CHANCE LAST WHY MY MUMMA SAY BYE-BYE WHY YOU DO T... »

जब मैं तुम्हे लिखने चली

जमाने में रहे पर जमाने को खबर न थी ढिंढोरे की तुम्हारी आदत न थी अच्छे कामों का लेखा तुम्हारा व्यर्थ ही रह गया हमसे साथ तुम्हारा अनकहा सा कह गया जीतना ही सिखाया हारने की मन में न लाने दी तो क्यों एक पल भी जीने की मन में न आने दी हिम्मत बांधी सबको और खुद ही खो दी दूर कर ली खुदा ने हमसे माँ कि गोदी दिल था तुम्हारा या फूलों का गहना अब जुदाई को तुमसे सदा ही सहना रोता रहा दिल आँखों ने साथ न दिया फैसले क... »