सावन के पावन कवियों और शाइरों के बीच मेरी कही गई गज़ल प्र्स्तुत की जाती है. 1-फिर हयात पाएगा मौत पाके आदमी. रुक ना पायेगा कभी सिलसिला हयात का. 2-तू जहान मै ना चल ख़ुदस […]