Author: naveen dwivedi

  • मेरे ख़ुदा

    मेरे ख़ुदा मुझको बता,
    सब कुछ तो तेरे खाते में दर्ज़ है।
    तारीफ़ तेरी हो या फिर मेरी,
    इसमें क्या हर्ज़ है।।

  • शेर शायरी

    ये आखरी है सिलसिला प्यार का नही ।
    अभी तो जीने की ज़ुस्तज़ु हुई है।

  • शेर शायरी

    ये आखरी है सिलसिला प्यार का नही।
    अभी तो जीने की ज़ुस्तज़ु हुई है ।

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