फूलों से कह दो चमन में अब न यूँ महका करें । खौफ से कांटों के अब सब काँटों का सिजदा करें । चाँद किस से जाके अपनी दास्ताँ ए दिल कहे , जब उजालों […]

घर अँधेरे में अब ना किसी का रहे । चार सू रंग यूँ रौशनी का रहे । जगमगायें यहाँ सब महल झोपड़ी पर्व सबका ये दीपावली का रहे ।   घर ,मुहल्ले ,शहर खिल उठें […]