कविताऐं मुझे पढ़तीं हैं या मैं कविताओं को यह आज तक समझ नहीं आया क्यूं मेरा किरदार किसे कहानी को न भाया। कभी रुकी कलम तो कभी पेज भर आया मैंने जितना लिखना चाहा कभी […]