Author: Nupur Seth

  • प्रेम दिवस

    आज प्रेम दिवस पर आई आपकी याद,
    जब देखे बागों में गुलाब,
    तब आई आपकी याद।
    आ गए याद कुछ बीते पल,
    आए याद कुछ मीठे गीत,
    कहां छिपे हो मन के मीत।
    आज अकेला पन खलता है,
    बहुत दिनों के बाद।
    आज आ गई आपकी याद,
    याद आए वो खिले गुलाब।
    किस से कहें मन का संताप,
    क्यूं रूठे बैठे हो हमसे,
    हम तो प्रतीक्षा में हैं कबसे।
    आज आई आपकी बहुत याद ।।

  • मोहब्बत

    मोहब्बत में मेरा क्या हुआ,
    यह मुझको है पता।
    मोहब्बत में तेरा क्या हुआ,
    तू मुझको दे बता।
    मोहब्बत से तो पत्थर में भी प्राण आते हैं,
    बेरुखी से जीवित भी निष्प्राण हो जाते हैं।।

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