Author: P Gupta

  • क्यों बार बार

    क्यों बार बार

    क्यों बार बार ,
    बेख्याली में भी तेरा ही ख्याल आता है।
    क्यों बिना धुन के भी ये दिल सारा दिन गुनगुनाता है।
    क्यों तुम्हारा नाम सुन के हर पल ठहर सा जाता है।

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