रोक सके मनुज को कोई, धरती पे न ऐसा लाल हुआ, जो चाहा मनुज ने पाया है, संकट से बेड़ा पार हुआ, मिट पाए ना कोई मिटा सके, ऐसी छवि रचने वाली है, हो प्रचंड […]