मन की पतंग को भी ऐसे उड़ने दे! की ना कोई उसे बंद, न कोई उसे उड़ा सके! मदमस्त, मनमौजी हवा के जैसे चाहे जहां उड़ान भर सके! ख़ुशी मिले उसे जहां वहीं वह अपना […]