निकले हैं हम जो प्रगति पथ पर जड़ों को अपनी भूल गये मलमल के बिस्तरों में धँस के धरा की शीतलता भूल गये छूकर चलते मोबाइल के आगे नम्बर घुमाना भूल गये मैसेज में बधाई […]