Author: Phalak Hathi

  • “तेरे साथ दुनिया चलती है”

    “तेरे साथ दुनिया चलती है”

    तू अकेला नहीं इस भीड़ में
    तेरे साथ दुनिया चलती है,
    हर रोज नई दौड़ है
    हर रोज नए मुकाम,

    हर किनारे की तलाश में
    तू समंदर पार करता रहा
    ज़माना तूझे नदी का
    नावी समझता रहा,
    थम जा अगर हो जरूरत,
    ना कोई जल्दी है
    ना ही कोई घोड़े की दौड़ ये जिंदगी,
    सीख ले संभालना खुदको,
    ना होगा हर वक्त
    कोई सुनने वाला तुझको,

    होगा मुकम्मल हर ख्वाब तेरा
    ज़रा रख ले धैर्य
    मत रख अपने से बैर,
    है तेरी अहमियत इस जहान में
    तू माने या ना,
    है तेरी जरूरत तेरे सपनो को
    पूरा करने के खातिर,

    तू अकेला नहीं इस भीड़ में
    तेरे साथ दुनिया चलती हैं।

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