यूँ तो रोज़ खडी होती हु उस सूखे किनारे पर तेरा और उस धुप ढलने का इंतज़ार करती हु इंतज़ार करती हु मेरी उस परछाई का जो धुप ढल जाने के बाद कोई दूर देश […]