Author: Kuldeep Prajapati Vidhyarthi
हिन्दी गीतकार, मंचीय कवि, लेखक
मेरे लब पर तेरे लब पर सब के लब पर गंगा है, जो भारत का वासी केवल उसकी जान तिरंगा है (कुलदीप विद्यार्थी) जब कलम की जरुरत थी उठाई, आज तिरंगे की जरुरत पड़ी उठा […]
न जा तू दूर थोडा पास आ मिलने की कोशिश कर, जरा हँसकर के मेरे साथ तू चलने की कोशिश कर, काश बदल जाए इरादा जो अभी तक था तेरे दिल में, दीया हूँ मैं […]