Author: pragya sharma

  • कवि

    कवियों की तो बात ही कुछ और है |
    सोच की उनका नहीं कोई ठौर है,
    मन की गति उनकी , प्रकाश से भी तेज़ है|
    दुनिया में उनसे आगे , नहीं कोई विशेष है ||

    न जाने कितनी ही तुलनाएँ कर जाते हैं |
    कितनी ही उपमाएँ दे जाते हैं,
    कभी प्रक्रति को मनुष्य से भाँपते हैं|
    तो कभी जीवन के उद्येश्य को विचारते हैं ||

    कभी एक तिनके को बलवान बता देते हैं |
    कभी सर्वोत्तम को भी निष्फल बता देते हैं,
    कभी अंधेरी गुफाओं का भेद देते हैं |
    तो कभी मनुष्य के चरित्र को ही भेद देते हैं ||

    कभी स्त्री के सम्मान को दर्शाते हैं |
    तो कभी पुरषो के अत्याचार को बतलाते हैं,
    कभी एक बालक की जिज्ञासा बतलाते हैं |
    तो कभी गलत विचारों का भी विरोध कर जाते हैं ||

    यही तो कवि के मन की बात है |
    हर जगह हर मोड़ पर ,
    उनकी सोच में कुछ खास है |
    हर किसी से कुछ हटकर ही सोचते हैं ||
    तभी तो सभी के दिलों में बसतें हैं |

    कभी लोगों की सोच को बदलते हैं कवि,
    तो कभी समाज में नया दौर भरतें हैं कवि |
    सभी के दिलों का अहम हिस्सा हैं कवि ,
    सभी की ज़िंदगी का अहम किस्सा हैं कवि||

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