मौसीकी चौराहे पर रखकर आँखें बंद कर दो कदम रोज़ चलते हैं। हाथ में बसता और सीने में दिल रखकर दो कदम रोज़ चलते हैं। म़जिले डुडते डुडते अकसर नई राहे मिलती है जब दीवानगी […]