Author: Prem Kumar Kuldeep

  • “आज जरुरत है हिंदी की”

    “आज जरुरत है हिंदी की”

    आज जरुरत है हिंदी की
    हम सबको जोड़े रखने की
    शोषण – अत्याचार मिटा कर
    देश में अमन जगाने की
    आज जरुरत है हिंदी की …………….

    स्वतंत्रता के घन-घोर संघर्ष में
    हिंदी ने सबको एक सूत्र किया
    जाति और धर्मो की गलियों में भी
    इन्कलाब का उदघोष किया
    आज जरुरत है हिंदी की …………….

    हिंदी ने जीवन आभास दिया है
    भारत को नव अभिमान दिया
    उत्कृष्टता का एहसास करा कर
    संस्कारो का पाठ दिया है
    आज जरुरत है हिंदी की …………….

    आदर्शो की मिशाल यह हिंदी
    सुविचारो की सीख है हिंदी
    शांति का पैगाम यह हिंदी
    स्वर्णिम भारत का इतिहास है हिंदी
    आज जरुरत है हिंदी की ………………..

    इसकी सरलता और सहजता ने
    ज्ञान की राह को आसन किया है
    इसके सुंदर अक्षर और लिपि ने
    रचना को नव आकार दिया है
    आज जरुरत है हिंदी की …………….

    प्रगति की कठिन डगर को हिंदी ने
    सफलता का एक मार्ग दिया है
    विज्ञान और व्यापर गति को
    सतत बढ़ने का संचार दिया है
    आज जरुरत है हिंदी की …………….

    फिल्म और मनोरंजन दुनिया में
    हिंदी का ऐसा जादू चला है
    की हर विज्ञापन और काम-काज में
    हिंदी का वर्चस्व बढ़ने लगा है
    आज जरुरत है हिंदी की ………………….

    हिंदी प्रगति और उन्नति में
    हम सब का है विश्वास जरुरी
    तभी हिंदी का मान बढ़ेगा
    “प्रेम” से इसका सम्मान बढ़ेगा
    आज जरुरत है हिंदी की ………………….

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    प्रेम कुमार कुलदीप , रावतभाटा राजस्थान
    9413356561 /7023431726

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