“तारीख” ********* “तारीख”…!! हाँ.! वही तारीख़…वही माह…! बस वर्ष बदल गया… तुम्हारी तरह ! तारीख़ रह गया…मेरी तरह ! नहीं बदल पाया वो… इस गतिमान समय चक्र के साथ… रह गया पीछे…तन्हा और भ्रमित… देखता […]