शायद मुल्य अधिक वो पायेगा। रिमझिम बारिश की ये बूंदे, मेघा उपर से फेक रहा एक टक लगाए वो सबकुछ शांति से है देख रहा बारिश की बूंदे पड़ी भूमि पे, उसने हाथों को चूमा […]

आज कुछ लिखने का मन किया ,इस मंजर को देखते एक गुड़िया खुद ही सो गयी, गुड़िया बेचते बेचते सुबह से भूखी प्यासी, बाजार में है खड़ी खड़ी हाथों में एक लम्बे डंडे पर बांधी […]