Author: Raghvendra Singh

  • ऐसा हिंदुस्तान चाहिए

    ” ऐसा हिंदुस्तान चाहिए ”
    जिस मिट्टी में जन्म लिया बस उसका ही सम्मान चाहिए,
    बन जाए विश्व भी इसका ऋणी बस वैसी ही तो शान चाहिए।
    जो कर न सका वैसा जग में बस अलग एक पहचान चाहिए,
    वीरों की इस जन्मभूमि पर आजाद, भगत सा नाम चाहिए।
    देशों में सबसे प्यारा हो, बस ऐसा हिंदुस्तान चाहिए।।।।।।
    जो धर्म के नाम पे ना बांटे, बस वैसा ही इंसान चाहिए,
    आज मुझे हर एक चेहरे पर भोली सी मुस्कान चाहिए।
    दे जाए अपनी जान सदा हर घर से एक जवान चाहिए,
    खोकर अपना लाल सदा खुश ऐसी माँ की सन्तान चाहिए,।
    देशों में सबसे प्यारा हो, बस ऐसा हिंदुस्तान चाहिए।।।।।।
    अर्जुन सा वो तीर् अडिग और भीम सा ही बलवान चाहिए,
    मंत्रमुग्ध करदे मन मोहन मुरली की वो तान चाहिए।
    लखन भरत सा भाई जग में कर्णवीर सा दान चाहिए,
    मात-पिता की सेवा खातिर श्रवण सा धैर्यवान चाहिए।
    देशों में सबसे प्यारा हो, बस ऐसा हिंदुस्तान चाहिए।।।।।।
    ना बाबर ना अकबर मुझको राणा प्रताप संरक्षण सा महान चाहिए,
    भारत की अखण्डता हेतु सरदार पटेल सा अभिमान चाहिए।
    नाता था जो अब्दुल कलाम का ऐसा ही विज्ञान चाहिए,
    हो भाषण जिसका अटल सदा उस अटल सा विद्वान चाहिए।
    देशों में सबसे प्यारा हो, बस ऐसा हिंदुस्तान चाहिए।।।।।।

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