ओ कोरोना हो रहा है राष्ट्र लाँक, और हो रहा राज्य लाँक। नष्ट करेगे इस कोरोना को, और करेगे इसको लाँक।। बज गई थाली बज गई ताली, बजी शंख और बज गई घंटी। ओ कोरोना […]

ऊपर वाले ने कहर बरसाया है एक बूंद धरा पर न आया है धरती पर देखो आई दरार चारों ओर मचा हाहाकार कर्ज तले दबे हैं कितने किसान क्या करें सोचते हैं सुबह शाम घर […]