जब वो पेदा होती है तो, हर कीसी के दिमाग में उदासी छा जाती है, बाप के सिर का बोझ भी कहीं जाती है, लेकिन उसी बाप के सिर का ताज बन जाती है, अपनों […]

जब छोड़ के आए थे गाॅऺव को हम, तब हमें न पता चला था अपना ग़म, लेकिन इस महामारी में याद आए गाॅ॑व के हसीन पल, जहां मिल जाता था हर समस्या का हल, आज […]