अभी सूरज उगने नहीं पाया, चांदनी रातों की खुशबू नहीं छाया। एक अद्वितीय रचना है यह, जो आज तक किसी को नहीं आया। बूँदों की बूंद चमकती है, फूलों की खिलती हँसी सी भरती है। […]