अधूरा गीत तुम बिन मेरे साजन बोलो कैसे ये जज़्बात लिखूँ, दिन मेरा कैसा बीता कैसे बीती रात लिखूँ। मन में उलझन भारी था तो ख़त तुमको ये लिख डाला, याद तुम्हारी दर्द लिखूँ या […]

एक ताज़ा ग़ज़ल के चन्द अश’आर आप हज़रात की ख़िदमत में पेश करता हूँ; गौर कीजिएगा… चाहता था जिसे जिन्दगी की तरह, वो रहा बेवफ़ा जिन्दगी की तरह। हाँ मेरा प्यार था बस उसी के […]

बारहा अब ये हक़ीक़त कौन जाने, आँख भी करती बग़ावत कौन जाने। मैं फ़िदा होता रुख़सार पे बस, इश्क़ है या है इबादत कौन जाने। जान देना था लुटा आये सनम पर, इसके भी होते […]

अदाओं से उसकी पिघलने लगा हूँ, खुदी की गिरह से निकलने लगा हूँ। बना मैं दिवाना मुहब्बत में उसकी, मुहब्बत में उसकी बदलने लगा हूँ। किसे फ़िक्र है अब कहे क्या जमाना, उसे देखकर अब […]

याद के दरमियाँ हम मिलेंगे कभी, फूल गुलशन में भी तो खिलेंगे कभी। शक़ मेरे इश्क़ पे मत करो साथियाँ, खत तुम्हें खून से हम लिखेंगे कभी। आज तो दौर है मुफ़लिसी का मग़र, चाँद […]

सज़ा सी बन गई है अब जहाँ में प्यार की ख़ाहिश, समझ आती नहीं मुझको कभी संसार की ख़ाहिश। न जाने याद कैसी है हमेशा ही रुलाती है, छुपा कर हाथ से चहरा सनम इक़रार […]

सच बोलकर जहाँ में गुनहगार हो गया, लोगों से दूर आज मैं लाचार हो गया। जो चापलूस थे सिपेसालार बन गए, मोहताज़ इक अनाज़ से ख़ुद्दार हो गया। इब्ने अदम ने लाख किए कोशिशें मगर, […]