नहीं बन सके महान धरा पर, इंसानियत का बने सहारा, जग रूठे पर रब ना रूठे, ऐसा हो सेवा भाव हमारा। दीन हिन् बिखरता वैभव, कुंठित हुई भावनाये ऐसे, शव समान रिश्ते ऐठे है, मन […]

आओ नव वर्ष मनायें, झिलमिल झगमग देश बनाये, कृतिम रौशनी की आभा से हट, शास्वत जिवंत दीप जलाये। नव वर्ष आज सिर्फ शब्दों से नहीं, श्रद्धा भावना से मनाये, सूर्य सा ज्योतिर्मय हो मेरा देश, […]