पहला प्यार सुनते ही उछल पड़ता है ख्यालों का असीम समन्दर पर समझ न आता क्या लिखूं बस तुम वैसे ही थे जैसे खिल उठता है सूरज को देख सूरजमुखी का चेहरा, वैसे ही जैसे […]