तेरी सुबह बङी निराली है.. तेरी शाम मधुर सुहानी हैं.. एे जानो जिगर से प्यारे वतन.. तेरे वैभव की अमर कहानी हैं वन्दे मातरम् वन्दे मातरम् वन्दे मातरम् है चरण पखावत सिंधु तेरे मस्तक पर […]

हर सुबह उठकर भागता हूं, मैं सब के लिए सुख कमाने, हर शाम घर लौट आता हूं, मैं सबका हिसाब चुकाने, बिता दिये हैं अनगिनत दिन मैंने और बे-हिसाब ये रातें मगर मुक्त नहीं हुआ […]