वो है बेखबर, शायद न हो उसे खबर! कैसे हुआ ये इश्क़ मुझे न पता चला, इन दिनों इश्क़ इतने करीब से गुजरा की लगा बस हो गया। आते जाते उसे देख खुद में मुस्क़ुरती […]

एक प्रश्न है मुझे, ये इंसान क्या हो गया है तुझे? क्यों कर रहा है ऐसे काम, जिससे हो रहे हो बदनाम। क्या हक़ है तुझे, कर रहा इस सृष्टि को नष्ट, ये इंसान होगा […]

तुम शान थी मेरी , तुम मान थी मेरी , तुम अभिमान थी मेरी , इस दुःख भरी दुनिया में ,खुशियों की पहचान थी मेरी ! जब इस दुनिया में आयी ,पहचान कराया माँ तमने […]

हाँ, नहीं हो तुम साथ मेरे , पर क्यों लगता है तुम पास हो मेरे ! हर घड़ी हर पहर जिंदिगी लगाती है अब ज़हर, तेरी ये नाराज़गी, और कहर लगती है धुप की दोपहर! […]