Author: Siddhi Agarwal

  • मन

    मन तू न उदास हो
    न ही कोई आस खो
    ये सफर तेरा है
    फिर क्यों तेरे ऊपर डर का डेरा है
    जो छूटता है छूट जाने दे
    नए मौकों को झोली में आने दे
    ये साल तेरा है
    तू कहा अकेला है
    तेरे साथ तेरे सपने हैं
    जो सबसे ज्यादा तेरे अपने है
    ये आखिरी दांव है
    सिर पर सिर्फ उम्मीदों की छाव है
    अब न समय गवा
    बस जल्द से जल्द कदम बढ़ा
    अब जो रुका तू तो सब खत्म
    न कर अपने सपनो पर तू ये सितम
    आखिर ये तूने देखे है
    अपने लिए तूने कई पापड़ बेले है
    यू रुक कर, ना इनका दिल दुखा
    यकीन कर खुद पर और शुरू होजा
    माना अभी दूर है मंजिल
    ये डगर भी है मुश्किल
    लेकिन एक काम बड़ा आसान है
    क्या इसका तुझे कोई भान है?
    वो है तेरी अपनी मेहनत
    बना इसे अपनी जरूरत
    तुझे तो अभी आसमान पाना है
    सोचले, इसके बगैर तुझे चैन न आना है

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