कब तक जियोगे, समझौते भरी ज़िंदगी तेरी आंखें बताती है, नहीं इसमें तेरी रजामंदी अरे खुद से पूछ तो सही, तुझे क्या चाहिए ? उम्मीद जमाने से ना कर, खुद बदल जाईये आँखों में कोई […]