Author: Soni

  • ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…

    ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…
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    ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…
    सूनसांन बंजर राहों से हो कर
    गुज़रती हो
    फिर भी हँसती खिलखिलाती हो
    क्योंकि…….
    ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…
    किसी की तलाश नहीं तुझे
    मंजिल फिर भी ढूंढ़ती हो,
    तो कभी रहने को ठिकाना ढूँढती हो,
    गमो से हुई स्याही रात को भी
    विश्वास की लौ से रौशन बनाती हो
    क्योंकि…….
    ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…
    सच में…
    हतास ,जिन्दगी से परेशान
    होकर भी तुम हारती नहीं
    बस चलती रहती हो।
    क्योंकि…….
    ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…
    सच में…
    बहुत परेशान थी,मैं
    कि एक शाम एक मोड़ आया
    और राह ले आई मुझे तुम्हारे पास
    तुम्हारी छांव तले मेरी राह आसान हो गयी
    नज़ारे हसीन लगने लगे
    मन जीवंत हो उठा
    तो लगा
    ज़िंदगी तुम बहुत ही खूबसूरत हो…
    सच में…

    ©-सोनी शर्मा-

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