Author: Srijan

  • दोस्त

    ना शब्द, ना बात और ना ही मुलाकात,
    तुम सब समझ लेते हो ,
    सुनकर बस मेरी एक आवाज़।
    जानते हो मेरी हर एक बात,
    फिर भी कभी कुछ जताते नही,
    और भले हो कितनी भी मुश्किल हालात,
    कभी साथ छोड़ कर जाते नही।
    डरता हूँ रोने से भी तुम्हारे सामने ,
    या सच कहूँ , तो आंसू ही नही आते।
    कही खौफ होता है मज़ाक बनने का,
    पर कही तेरा प्यार भी आ जाता है मनाने ।
    लड़ता हु हर वक्त,
    और हर वक्त तेरा मज़ाक भी बनाता हूँ।
    पर बोल दे कोई दूसरा तुझे,
    तो तेरे पे अपनी जान भी लुटाता हूं।
    हर फिक्र हर परेशानी में मज़ाक ढूंढ मुझे हँसना तूने सिखाया |
    ऐ दोस्त जिन्दगी तो चल रही थी अपनी तरह से
    पर मुझे जीना तूने सिखाया |

New Report

Close