मेरे माथे को सिंदूर देके मेरे विचारों को समेट दिया मेरे गले को हार से सजाया पर मेरी आवाज़ को बांध दिया मेरे हाथों मे चूड़ियों का बोझ डालके उन्हें भी अपना दास बना दिया […]