Author: Suraj36072@gmail.com 987654321

  • दूर की मोहब्बत

    है दिललगी मुझे तुमसे ,
    करनी है मोहब्बत मुझे तुमसे ,
    बेपनाह इम्तिहान ले लो तुम मुझसे ,
    पर करना है प्यार मुझे तुमसे ,
    है मन बेताब मिलने का तुमसे , चलो लोट आओ घर चलेँ हम फिर से ।

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