भोजपुरी गजल- देशवा ई जोहत बा केहु जीत के जश्न मानवत केहु हार के रोना रोवत बा | कही बाजे ढ़ोल नगाड़ा कही केहु भाग के कोसत बा | जे जितल बा उनके इनाम ई […]