Author: Vinod Sharma

  • घूस

    घूस

    लिखते तो हम बहुत थे
    मगर आज कलम चिगती ही नहीं
    बोलती है जरा सी घूस तो दो
    तो दो लफ़्ज लिख दूंगी|

  • गर्मी के हालात में बिजली करे बहाने

    गर्मी के हालात में लाइट (बिजली) करे बहाने

     

    लाइट भी अब बहाने मारकर जाने लगी है

    गर्लफ़्रेंड की तरह तड़पाने लगी है

    करती है हर रोज मिलने का वादा

    हर रात बस सपनों में आने लगी है

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