Vishal's Posts

देशभक्ति

ये कविता मैने खुद को एक बार बचपन मे रख के,जवानी मे रख के और एक बार खुद को आखिरी सफर मे रह कर महसुस करते हुवे लिखा है,कि हमारे सैनिक भाई क्या सोचते है और ये गंदी सियासत क्या सोचती है, मै आशा करुंगा कि ये आपको पसंद आयेगी, (देशभक्ति के सफ़र मे) बन के बादल तीन रंगो मे निखर आउंगा, एक न्नहा सा देशभक्त हो उभर आउंगा, इस छोटे बदन को वतन से प्रेम है, इस न्नहे कलम को वतन से प्रेम है, जिसे ओढ के मै फक्र से मर... »