अमीरी है तो जन्नत है
गरीबी है तो जिल्लत है,
वहाँ भी मौत देखी है जहाँ
पग -पग मे दौलत है,
हवेली है बडी़ फिर भी
अकेलेपन से मरते हो,
हमे दो चैन से सोने हमें
सडको की आदत है,|
(✍?बागी✍?)
Author: baagi
-
चाह छोटी है.
-
माँ
हर दर्द मां सहती रही,
पूरी मेरी हर बात की.,
हर जिद को मेरी मान के
हर वक्त मेरे साथ थी,
अब मै बडा़ जबहो गया
कैसे भुलादूं मां को मै ,
दुनियाँ ही मेरी माँ से है
मां खुशियों की सौगात थीबागी के दिल कि आह,.
-

तुम रहो तो,
आज कुछ हुआ है मेरे सनम को,-२
पास आके कहती है भुल जाओ हम को, आज कुछ हुआ.•••••
यु नदी बन मुझे दुर तक बहाया
लहरो मे अपनी मुझको मिलाया ,
अब यू किनारो पे ला के न छोडो,
पास इतने आके तुम मुहँ न मोडो
कैसे बतायेंगे हम अपने गम को,
आज कुछ हुआ है.••••••••••
चांदनी है राते और आंखे नम है,
कैसा इन उजालो का मुझपे सितम है,
हम इन सितारो से कहकर के रोये,
सनम तेरे आने का अब भी भरम है,तोड कैसे पाऊंगा झुठे भरम को. आज कुछ हुआ हेेै •••••••••• (बागी)