Author: Vishanu Sharma

  • मोहब्बत के दो पहलू

    तम्हारे हाथों की मेहंदी से मेरा नाम मिट गया
    वह तुम्हारी मोहब्बत है
    लेकिन
    मैं अपनी नज़्मों से तुम्हें जाने न दूंगा

    ये मेरी मोहब्बत है ।

New Report

Close