एक ख़्याल सा ज़ेहन में लाया जाये, शायरी की बस्ती को अलग से बसाया जाये..मख़ौल ना किसी की ख्वाईशो का उड़ाया जाये। जहाँ हर दर्द कहा जाये, जहाँ हर दर्द सुना जाये। बस हर दर्द […]