वो लड़की सोलह की बातें सत्रह की क्या अजीब थी वो, पर नसीब थी वो, जिसे भूलना अब तो नामुमकिन है लहज़े बड़े नाज़ुक से थे खनकती हर आवाजे उसकी वो बोल भी दे गर […]

जिन्दगी उम्र भर की सहेली है एक उलझी हुई पहेली है दरिया है ये समंदर की पूछो न तुम फिर भी प्यासी है ये अकेली है कहो चाहे इसको काँटो का वन कर सको तो […]

ओ देस से आने वाले बता… क्या लाए हो मेरी ऐसी ख़बर जो झूम उठे दिल के मंज़र और दिल हो ये बेखबर… क्या अब भी वहाँ की गलियों में खुशबू वतन की आती हैं […]

वो पान की दुकान वो बरगद की छाँव जहाँ हम मिले.. क्या याद है तुम्हें वो बारिश के छीटें लब पे तेरे जो गिरे सनसनाती हवाएँ वो ठंडी पुरवाई बदन पे तेरे जो चुभे…. क्या […]

तू मेरे पहले, मैं तेरे बाद हूँ ये शर्त भी है हार जीत कौन किसके साथ है जज़्बात से छूटकर, लब खोल बोल तू ये हालात किसके साथ कौन अब आजाद है इश्क भी एक […]

काव्य में कवि मर गया, जब दुनिया उसे बेवफ़ा कह दिया, कोई रत्जगे क्यों करेगा इस मुर्दे पे, उसका जिस्म भी अब मिट्टी हो गया। साँसें धुआँ है उसकी चाह में, लिखता रहता है हर […]