माना मैं सुन्दर नहीं पर इस सुन्दरता की मुझे जरूरत नहीं क्योंकि जिनकी मैं दुनिया हूँ उनकी दुनिया में मुझसा सुन्दर और नहीं कवित्री ….कविता तंवर